पीपल के पेड़ की इस तरह कर ली परिक्रमा तो जिंदगी भर नहीं आएगी परेशानी और गरीबी

शास्त्रों के अनुसार पीपल को कल्प वृक्ष कहा जाता है जो सभी मनोकामनाओ को पूर्ण करने वाला माना जाता है। अगर पीपल के वृक्ष के नीचे आपकी जो भी मनोकामनाए है वो मांगी जाए तो वो अवश्य पूरी होगी। कलियुग में कल्प वृक्ष तो संभव नहीं है पर , पीपल को ही सच्चे भाव से संकल्प कर के पूजा करे तो पीपल का वृक्ष किसी कल्प वृक्ष से कम नहीं है।पीपल के वृक्ष को जल सींचने से निरोगी काया ,दीर्घ आयु,आपकी धन सम्बन्धी समस्याए , कामकाज ,नौकरी , व्यवसाय ,टोन टोटके ,जो भी समस्या है उनसे बचाव होता है।

पीपल पर सभी देवता और पितृओ का वास रहता है। श्रीमद भगवद गीता में श्री कृष्ण ने स्वयं को पीपल का वृक्ष कहा है। तभी तो पीपल पर जल चढ़ाने से सभी देवी देवता की पूजा हो जाती है।

वैसे तो हर रोज पीपल के नीचे दीपक जलाना चाहिए, लेकिन संभव ना हो सके तो शनिवार की शाम सरसों के तेल का दीपक पीपल की जड़ो के पास जरूर जलाएं। इससे घर में सुख समृद्धि और खुशाली आती है। कारोबार में सफलता मिलती है। रुके हुए काम पुरे होते है।

आप अगर विष्णु भगवान् के अष्ट भुज के रूप का स्मरण करते हुए ताम्बे के लोटे में पानी भर के जल चढ़ाते हुए पीपल के वृक्ष की 5 बार परिक्रमा करेंगे तो यकीं मानये आपके जीवन की सारी समस्याओ का समाधान हो जाएंगे। जब मनुष्य बहुत ही ज्यादा मुसीबत मैं हो ,बहुत ही खराब समय चल रहा है तो उनको पीपल को जल अवश्य चढ़ाना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति बीमार हो तो भी उन्हें पीपल के वृक्ष को जल चढ़ाना चाहिए।

जो लोग पीपल के वृक्ष का रोपण करते है उनके पितृ नर्क से छूट के मोक्ष को प्राप्त करते है। लेकिन घर में पीपल के वृक्ष को नहीं लगाना चाहिए। मगर पीपल का वृक्ष अपने आप उग गया है तो उसे काटना नहीं चाहिए। शास्त्रों के अनुसार शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष में माँ लक्ष्मी का वास होता है और उस दिन पीपल पे जल चढ़ाना श्रेष्ट मन जाता है। वही पर रवि वार के दिन पीपल पर जल नहीं चढ़ना है नहीं तो घर में दरिद्रता का वास होता है।

यदि कोई व्यक्ति पीपल के वृक्ष के निचे शिव लिंग स्थापित करके उसकी नियमित रूप से पूजा करता है तो उसकी साड़ी समस्या शांत हो जाती है। पीपल के वृक्ष के नीचे हनुमान चलिशा का पाठ करने से चमत्कारी फल की प्राप्ति होती है। पितृ की कृपा प्राप्त करने के लिए हर माह की आने वाली अमावस्या के पहले चौदश के दिन पीपल के वृक्ष या बरगद के वृक्ष को दूध अर्पित करना चाहिए।

शनि दोष के निवारण के लिए पीपल के वृक्ष का उपाय रामबाण है अगर साढ़े साती या ढैया चल रही है तो पीपल के वृक्ष पे जल चढ़ाके सात बार परिक्रमा करनी चाहिए और शाम के वक्त दीपक जलना चाहिए।