नहीं रहे भारतीय हॉकी के दिग्गज, देश को ओलिंपिक में दिलाए थे तीन गोल्ड

भारतीय हॉकी टीम को तीन गोल्ड मेडल जीताने वाले हॉकी के दिग्गज बलबीर सिंह का रविवार सुबह निधन हो गया. वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और मोहली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती थे. पारिवारिक सूत्रों ने बताया था कि उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिसके बाद से वह वेंटिलेटर पर थे. उनके विभिन्न अंगों पर असर पड़ा था. 95 वर्ष के बलबीर को पिछले साल सांस संबंधी तकलीफ के कारण कई सप्ताह चंडीगढ के पीजीआईएमईआर में बिताने पड़े थे.

बलबीर ने लंदन (1948), हेलसिंकी (1952) और मेलबर्न (1956) ओलिंपिक में भारत के स्वर्ण पदक जीतने में अहम भूमिका निभाई थी. उन्हें फेफड़ों में निमोनिया और तेज बुखार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. मोहाली के फोर्टिस अस्पताल के डायरेक्टर अभिजीत सिंह ने उनकी मौत की पुष्ठी की.

हेलसिंकी ओलिंपिक में नेदरलैंड्स के खिलाफ 6-1 से मिली जीत में उन्होंने पांच गोल किए थे और यह रिकॉर्ड अभी भी बरकरार है. वह 1975 विश्व कप विजेता भारतीय हॉकी टीम के मैनेजर भी रहे थे. बलबीर सिंह सीनियर सिर्फ भारत ही नहीं दुनिया के सबसे बड़े खिलाड़ियों में शामिल हैं. देश के महानतम एथलीटों में से एक बलबीर सीनियर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति द्वारा चुने गए आधुनिक ओलिंपिक इतिहास के 16 महानतम ओलंपियनों में शामिल थे.