इन 5 कारणों से महिलाएं ज्यादा होती है रूमेटाइड अर्थराइटिस की शिकार, यहां पढ़े इसका कारण और लक्षण

हड्डियों के जोड़ों से संबंधित समस्या को रूमेटाइड अर्थराइटिस कहते हैं। यह एक तरह का गठिया रोग ही है लेकिन इस बीमारी के लक्षण का पता लगाना थोड़ा मुश्किल होता है। हालांकि इस समस्या में सूजन, जोड़ों में तेज दर्द होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह बीमारी ज्यादा देखने को मिल रही है। वैसे तो यह समस्या बढ़ती उम्र के साथ-साथ होती है लेकिन अनियमित दिनचर्या और गलत खान-पान के कारण कम उम्र की महिलाओं में रूमेटाइड अर्थराइटिस की समस्या देखने को मिल रही है। आइए जानते हैं आखिर क्यों महिलाओं में इसका खतरा बढ़ता जा रहा है।

क्या है रूमेटाइड अर्थराइटिस?

दरअसल, इम्यून सिस्टम प्रोटीन, बायोकेमिकल्स और कोशिकाओं से मिलकर बनता है, जोकि शरीर को बीमारियों से बचाते हैं। कभी-कभी इम्यून सिस्टम में गड़बड़ी होने के कारण शरीर में मौजूद प्रोटीन खत्म होने लगता है, जिस के कारण रूमेटाइड अर्थराइटिस की समस्या पैदा हो जाती है। वैसे तो यह समस्या ज्यादातर जोड़ों में होती है लेकिन सावधानी और सही इलाज न करने के कारण यह फेफड़ों को भी अपनी चपेट में ले लेता है।

 रूमेटाइड अर्थराइटिस के कारण

  1. महिलाओं को यह समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है लेकिन बढ़ती उम्र के साथ-साथ इसके होने की संभावना भी बढ़ती जाती है। रूमेटाइड आर्थराइटिस होने की सबसे ज्यादा संभावना 40 साल के बाद होती है।
  2. जिन महिलाओं नें कभी बच्चे को जन्म नहीं दिया उनमें रूमेटाइड होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
  3. धूम्रपान करने वाली महिलाओं के बच्चों में भी रूमेटाइड आर्थराइटिस का खतरा बढ़ जाता है।
  4. बढ़ता मोटापा आजकल महिला की समस्या लेकिन आपको बता दें कि इसके कारण भी यह समस्या हो सकती है। हालांकि इस बीमारी में आपका वजन कम होने लगता है।
  5. यह बीमारी एक जेनेटिक प्रॉब्लम भी है। ऐसे में अगर आपके परिवार के किसी सदस्य को रूमेटाइड अर्थराइटिस है तो उनसे यह बीमारी आपको भी हो सकती है।

महिलाओं को क्यों है अधिक खतरा?

पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को रूमेटाइड अर्थराइटिस होने की संभावना तीन गुणा ज्यादा होती है। महिलाओं में यह बीमारी प्रसव के बाद या मेनोपॉज के बाद हार्मोन्स में बदलाव होने के कारण देखी जाती है। फाइब्रोमायल्जिया से महिलाओं में भी इसका खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा गलत लाइफस्‍टाइल और खानपान के कारण भी महिलाएं इसकी चपेट में आ जाती हैं।

 मेटाइड अर्थराइटिस के लक्षण

तेज बुखार

मांसपेशियों में दर्द

थकान मसूस होना

शरीर के कमजोरी

भूख कम लगना

हाथों-पैरों में अकड़न

जोड़ों में दर्द और सूजन

आंखों में ड्राइनेस

सीने में दर्द होना

एनर्जी में कमी महसूस

अधिक पसीना आना

अचानक वजन कम होना

रूमेटाइड अर्थराइटिस का घरेलू इलाज

बेकिंग सोडा के प्रयोग से न सिर्फ रूमेटाइड अर्थराइटिस का खतरा कम किया जा सकता है बल्कि इससे रूमेटाइड अर्थराइटिस को धीरे-धीरे ठीक भी किया जा सकता है। अगर आप बेकिंग सोडा का नियमित सेवन करेंगे तो आपको इसका असर 2 हफ्ते में ही दिखना शुरू हो जाएगा। इस समस्या को दूर करने के लिए 1 गिलास में आधा चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर पीएं। अगर आप डॉक्टर से इलाज करवा रहे हैं तो इसे लेने से पहले उनसे सलाह लें।