धरती पर हजारों वर्षों से आज भी जीवित हैं ये आठ लोग, दिखाई भी दे चुके हैं

संसार का नियम यह है कि इस धरती पर जिसका जन्म हुआ है उसकी एक ना एक दिन मृत्यु निश्चित ही है. वहीं शास्त्रों में लिखा है कि इस धरती में केवल 8 ही ऐसे व्यक्ति हैं जो कि इस दुनिया अजर अमर हैं, व्यक्ति केवल अपने कर्मों के अनुसार ही इस जन्म मरण के चक्कर से मुक्त हो सकता है. इसी के साथ -साथ धरती पर कुछ पवित्र आत्मा ऐसी हैं जिन्होंने अपनी साधना तपस्या व भक्ति भाव से भगवान को प्रसन्न करके चिरंजीवी होने का वरदान प्राप्त कर लिया था.

इन आठ महापुरुषों को मिल चुका है अमर होने का वरदान

बजरंगबली

भगवान शिव के रूद्र अवतार जिन्हें हम बजरंगबली भी कहते हैं. कहा जाता है कि बजरंगबली भी उन आठ पवित्र आत्माओं में से शामिल हैं जो कि हमेशा के लिए अजर अमर हो चुकी हैं. जब भगवान राम ने त्रेता युग में अवतार लिया था तो उस दौरान माता सीता ने हनुमान जी को अजर अमर होने का वरदान दिया था. कलियुग में बजरंगबली का निवास स्थान गंधमादन पर्वत बताया गया है.

अश्वत्थामा

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विभीषण

लंकापति रावण के भाई विभीषण ने बुराई और पाप को त्यागकर हमेशा भगवान राम का साथ दिया था. जब उनको लगा कि उनका बड़ा भाई रावण पाप के रास्ते पर चल रहा है तो उन्होंने ही भगवान राम को उसकी मृत्यु का राज बताया था, जिससे भगवान राम विभीषण से बेहद प्रसन्न हो गए थे और उन्होंने इनको चिरंजीवी होने का वरदान दिया था.

भगवान परशुराम

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ऋषि मार्कण्डेय –

भगवान शिव के परम भक्त ऋषि मार्कण्डेय ने कठोर तपस्या से भगवान शिव को प्रसन्न कर लिया था, कहा जाता है इन्होंने महामृत्युंजय जाप को सिद्ध करके मृत्यु पर विजय प्राप्त कर ली थी और यह हमेशा के अजर अमर हो गए.

राजा बलि

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वेदव्यास

ये वहीं ऋषि वेदव्यास हैं जिन्होंने प्रसिद्ध महाभारत की रचना की थी.ऋषि वेद व्यास के माता पिता की बात करें तो इनके पिता पाराशर और माता थे. वेद व्यास जी को भगवान श्रीकृष्ण के 24 अवतारों में से एक माना जाता है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार यह धरती पर आज भी जीवित हैं.

कृपाचार्य

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