जानिए क्यों नहीं करने चाहिए सोते के समय दरवाजे की तरफ पैर, शास्त्रों में बताएं गए हैं नियम

हमारे जीवन में शास्त्र का बेहद ही ज्यादा महत्व है क्योंकि जब किसी भी चीज की सही जानकारी नहीं होती है तो उसके बारे में जानने के लिए हम शास्त्र का सहारा लेते हें। ऐसे शास्त्र में भी हमारे सभी प्रश्नों का उत्तर मिल जाता है। जीवन की हर समस्या व दिनचर्या से जुड़े सभी प्रश्नों के जवाब शास्त्र में मिल जाते हैं।

इसी तरह हमारे शास्त्र में सोने से संबंधित भी कुछ खास नियम बनाए गए हैं जिनका ध्यान सभी को रखना चाहिए। क्योंकि जो भी व्यक्ति इन बातों का ध्यान नहीं रखता है उसे जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना तो पड़ता ही है इसके अलावा धन संबंधी नुकसान भी होते है। वास्तुशास्त्र में बताया गया है कि सोते समय कभी भी पैर रूम के दरवाजे की तरफ नहीं होने चाहिए। इससे देवी लक्ष्मी घर में प्रवेश नहीं करतीं। ऐसी ही कुछ खास बातें अन्य धर्मग्रंथों में भी बताई गई हैं।

सबसे पहले तो बता दें कि ग्रंथ में ये साफ तौर पर कहा गया है कि सोते समय पश्चिम या उत्तर दिशा की ओर पैर करके ही सोने चाहिए क्योंकि ऐसा करने से हेल्थ से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न नहीं होती है।

इसके अलावा बताया गया है कि कभी भी भूलवश जूठे मुंह नहीं सोना चाहिए। इससे रोग होते हैं और घर में दरिद्रता आने लगती है।

बताया तो ये भी गया है कि भूल से भी बिस्तर पर गीले पैर रखकर भी नहीं सोना चाहिए। वरना लक्ष्मी जी नाराज हो जाती है।

शास्त्रों में कहा गया है कि सोते समय मुंह में पान या ऐसी कोई चीज नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही सिर पर तिलक या बिंदी लगी हो तो उसे हटा देनी चाहिए। टोपी या पगड़ी पहनकर भी नहीं सोना चाहिए।

कई लोगों को रात में बिना कपड़ों के सोने की आदत होती है लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से दोष लगता है और दरिद्रता आती है।