देशधर्म-अध्यात्म

नए साल में जरूर करें देश के इन मंदिरों में दर्शन, बना रहेगा सौभाग्य,देखिए…….

मंदिरों में दर्शन........

साल 2019 अपने अंतिम चरण में है और नए साल 2020 शुरू होने में बस अब कुछ ही दिन रह गए हैं,तो नए साल की शुरुआत धार्मिक कार्यों से ही करनी चाहिए, ऐसा करने से साल भर भगवान का आशीर्वाद हम पर बना रहता है तो आज हम आपको देश के कुछ प्रमुख मंदिरों की जानकारी देने जा रहे हैं, जहां दर्शन कर आप अपने नए साल को यादगार बना सकते हैं।

सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई-

बता दें,के एक ऐसे अनोखे मंदिर के बारे में, जहां गणपति बप्पा के सामने लिखने या मूषक के कान में बोलने से हर मुराद पूरी हो जाती है। यह मंदिर कोई और नहीं, बल्कि मुंबई के प्रभा देवी इलाके में स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर हिंदू ही नहीं, बल्कि विभिन्न धर्मों के लोगों के लिए गहरी आस्था व पर्यटन का प्रतीक है। अपनी मुरादें लेकर देश व दुनिया से हजारों भक्त रोजाना इस मंदिर में बप्पा के समक्ष नतमस्तक होते हैं। आप भी आने वाले नए वर्ष में बप्पा के दर्शन करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।

बाबा विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी-

वहीं,काशी को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है। भोले शंकर का यह मंदिर भारत में ही नहीं विश्व भर में प्रसिद्द है जो 12 ज्योतिर्लिंग में से एक इस मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है। आने वाले नए साल में यहां जाकर भगवान शंकर का आशीर्वाद प्राप्त करें।

महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन-

कालों के काल महाकाल की नगरी उज्जैन का बहुत अधिक धार्मिक महत्व है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां होने वाली भस्म आरती महाकाल का श्रृंगार है और उन्हें जगाने की विधि है। आरती के दौरान पुजारी एक वस्त्र धोती में होते हैं। इस आरती में अन्य वस्त्रों को धारण करने का नियम नहीं है। महाकाल की आरती भस्म से होने के पीछे ऐसी मान्यता है कि महाकाल श्मशान के साधक हैं और यही इनका श्रृंगार और आभूषण है जो आने वाले साल 2020 में आप भी हो जाइए तैयार महाकाल की इस भस्म आरती के लिए।

रामेश्वरम, तमिलनाडु-

वहीं,भारत में प्रमुख चार धाम हैं जो देश के चारों दिशाओं में स्थित हैं और दक्षिण में स्थित रामेश्वरम धाम की गणना द्वादश ज्योतिर्लिंगों में होती है। रामेश्वरम धाम हिन्दुओं के सभी पवित्र तीर्थों में से एक है तथा प्रकृति की सुंदरता के साथ-साथ ही यह तमिलनाडु के रामनाथपुरम् जिले में स्थित एक विशालकाय और भव्य मंदिर है। इस नए वर्ष में इस धाम में जाएं और भोलेनाथ के साथ साथ भगवान राम का आशीर्वाद भी प्राप्त करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां पर शिवलिंग की स्थापना भगवान राम ने की थी।

ब्रह्मा जी का मंदिर, पुष्कर-

भगवान ब्रह्मा का एकमात्र मंदिर राजस्थान के प्रसिद्ध तीर्थ पुष्कर में स्थित है और इस मंदिर में देश विदेश से लाखों की संख्या में लोग दर्शन करने पहुंचते हैं। पुष्कर में ब्रह्मा जी के मंदिर का निर्माण कब हुआ ये कोई नहीं जानता। लेकिन ऐसा कहते हैं की एक हजार साल पहले एक राजा ने इस मंदिर के पुराने ढांचे को दोबारा जीवित किया था। पुष्कर में सावित्री का भी मंदिर बनवाया गया है। जहां पहुंचने के लिए भक्तों को सैकड़ों सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। इस नए साल में तैयार हो जाएं ब्रह्म देव के इस एकलौते मंदिर के दर्शन के लिए।

श्री बालाजी मंदिर, मेहंदीपुर-

वहीं,राजस्थान के दौसा जिले में मेहंदीपुर नामक एक पावन स्थान है और इस स्थान पर हनुमान जी अपने बाल रूप में विराजमान हैं। मेहंदीपुर बालाजी में हनुमान जी प्रधान देव हैं और श्री भैरव बाबा और श्री प्रेतराज सरकार बालाजी महाराज के सहायक देव हैं। बालाजी महाराज के दरबार के ठीक सामने ही श्री राम जी और माता सीता का भव्य मंदिर है। ऐसा माना जाता है कि श्री बालाजी महाराज सदैव प्रभु श्री राम और माता सीता के दर्शन करते रहते हैं। यहां आने से भक्तों के सभी तरह के संकटों को बालाजी महाराज दूर कर देते हैं। इस नए साल में आप भी हो जाएं तैयार हनुमान जी के इस मंदिर में जानें के लिए। मेहंदीपुर बालाजी की इन अफवाओं से दूर रहें कि वहां केवल संकट वालों को जाना चाहिए। श्री बालाजी महाराज के इस पावन धाम में कोई भी भक्त जा सकता है और हनुमान जी से प्रार्थना कर सकता है जो हनुमान जी के इस दरबार से कोई खाली हाथ नहीं लौटता है।

वैष्णो देवी, कटरा जम्मू कश्मीर-

बता दें के माता के शक्तिपीठ मंदिरों में एक मंदिर है वैष्णो देवी मंदिर और माता वैष्णो रानी की महिमा अपरंपार है, तो इस नए साल में आप भी माता रानी के दर्शन के लिए जाएं और माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त करें। इस समय में आपको माता रानी की प्राचीन गुफा के दर्शन का सौभाग्य भी प्राप्त हो सकता है और इस धाम की महिमा भी अपरंपार है जो सभी की झोलियां भर देती हैं वैष्णो माता।

 

 

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