धर्म-अध्यात्म

3 जुलाई से शुरू हो गया है गुप्त नवरात्र, जानें कैसे करें मां की अराधना, पूजा में बरतें ये सावधानी

हिंदू धर्म में नवरात्र का त्योहार काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। जिसमें से लोगों को सिर्फ दो नवरात्र के बारे में पता होगा है। पर आपको बता दें कि पूरे साल में चार बार नवरात्रि आती है। ये चार नवरात्र चार माह में आता है, पौष, चैत्र, आषाढ और अश्विन। जिसमें बड़ी नवरात्रि को बसंत नवरात्रि और छोटी नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि कहते हैं। बाकी बची दो आषाढ़ और पौष माह की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहते हैं।

गुप्त नवरात्र के बारे में काफी कम लोगों को ही जानकारी होती है। आज हम आपको गुप्त नवरात्र के बारे में ही बताने जा रहे हैं, इस नवरात्र में देवी दुर्गा के दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है, यह बहुत कठिन होता हैं और यह तंत्र विद्या में विश्वास करने वाले लोगों के लिए बहुत खास होता। इस बार गुप्त नवरात्र 3 जुलाई से लेकर 11 जुलाई रहने वाला है और अंतत: इसमें पारन का समय 11 जुलाई दशमी के दिन होगा।

व्रत और पूजा विधि

शास्त्रों में बताया गया है कि गुप्त नवरात्र की पूजा बाकि के नवरात्र से थोड़ी अलग होती है। जी हां ऐसे में आप नौ दिनों तक व्रत का संकल्प लेकर प्रतिपदा को घटस्थापना कर रोजाना सुबह-शाम माँ दुर्गा की पूजा-अर्चना कर सकते हैं। इसके बाद अष्टमी या फिर नवमी के दिन कन्याओं का पूजन के साथ व्रत का उद्यापन करें। इतना ही नहीं इस नवरात्र में तंत्र-मंत्र करने वाले साधक माँ के दस महाविद्याओं की आराधना करते हैं, ये दस महाविद्याएं माँ काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, माँ धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी हैं।

गुप्त नवरात्र का व्रत और पूजा करने वाले कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए वहीं ये भी बता दें कि व्रत करते समय आपसे कोई गलती ना हो जाए इस वजह से गुप्त नवरात्रि का व्रत करने के लिए कई सारी बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। इसके साथ ही जो भी व्यक्ति तंत्र-मंत्र के लिए देवी के दस महाविद्याओं की आराधना करना चाहता हैं तो वो भी इस बात का ध्यान रखे कि किसी भी मंत्र का उच्चारण या फिर कौन से मंत्र का प्रयोग कहाँ करना चाहिए, इसके बारे में पूरी जानकारी इकठ्ठा कर ले।

आप चाहें तो इसके बारे में ज्योतिष या फिर किसी पंडित से जानकारी ले सकते हैं क्योंकि मंत्र के उच्चारण में अगर किसी भी तरह की चूक होती है तो इस दौरान गुप्त नवरात्रि के व्रत और पूजा करने का गलत असर पड़ सकता हैं। इसलिए विशेषकर आपको गुप्त नवरात्रि की पूजा व व्रत के दौरान इन बातों का खासा ध्यान रखना चाहिए।

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