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सिवान के इस गांव की मिट्टी में कुछ है ऐसा की किसी घर से आईएएस किसी घर से आईपीएस तो किसी घर से निकल रहा सी ए।

यू तो सिवान में कई ऐसे गांव है जहाँ से निकल कर देश के प्रतिष्ठित पदों पर कई प्रतिभाएं सिवान का नाम रौशन कर रही हैं। । शिक्षा साहित्य कला और खेल सहित अन्य क्षेत्रों में देश विदेश में सिवान का डंका बजा रहे है सिवान के युवा। ऐसे में एक ही घर से आईएएस आईपीएस डॉक्टर देने वाला गांव तो चर्चित है ही लेकिन एक ऐसा गांव है जहाँ की मिट्टी में ऐसी धधक है जो दिन प्रतिदिन कोयले को जलाकर हीरा बनाती जा रही है। जी हां गोरियाकोठी प्रखंड का सैदपुरा गांव, जिसकी मिट्टी दिन प्रतिदिन प्रतिभाओ को न सिर्फ पैदा कर रही बल्कि उन्हें निखार कर उच्च पदों पर पहुँचा रही है। साल 2019 में इस गांव में जन्मे दो युवाओ ने एक साथ यूपीएससी में सफलता पाकर आईएएस और आईपीएस बने है वही एक अन्य युवक ने बीपीएससी से डीएसपी बनकर नाम रौशन किया है। पिछले वर्ष दीपक मिश्रा आईएएस , लक्ष्मण तिवारी आईपीएस, अरुणोदय पांडेय डीएसपी तथा मनीष मिश्र एनडीए से कमांडेंट की सफलता की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए वही इसी गांव के अतुल मिश्रा ने मात्र 24 साल के उम्र में CA बन युवाओ के लिए सफलता की एक और मिशाल पेश की है। साथ ही इस मिट्टी के उर्वरा होने का प्रमाण भी। 16.01.2020 को ICAI-CA फाइनल के रिजल्‍ट घोषित हुए हैं। इसमें मात्र 24 साल की उम्र में चार्टेड अक्काउंटेंट बनने वाले अतुल मिश्र मेघावी छात्र के साथ-साथ अनुशासित व्यक्ति के रूप में जाने जाते है।

इनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव से ही हुई फिर आगे की पढ़ाई करने ये पटना चले गए और पटना से ही मैट्रिक, इण्टर और स्नातक की पढ़ाई पूरी की। मैट्रिक के बाद ही इनका लक्ष्य सीए बनने का था जिसे इन्होने अपनी मेहनत और लगन से हासिल कर लिया। अभी दिल्ली में ही एक सीए फार्म में काम करते हुए इन्होने अपना ये लक्ष्य हासिल किया है। ज्ञात हो की सीए की परीक्षा भी काफी कठिन माना जाता है और देश भर में इसके काफी कम परिणाम आते है। इनके पिता संजय मिश्रा एक व्यापारी है और अतुल उनके एकलौते पुत्र है। अतुल से छोटी उनकी दो बहने है। अपनी सफलता का श्रेय अतुल अपने मेहनत के साथ ही अपने परिवार और खासकर अपने चाचा पूर्व मुखिया मंजय मिश्रा को देते है।

अभी हाल ही में इनके परिवार से एक युवक का चयन आईएस के लिए भी हुआ है। जो युवा सीए बनना चाहते है उनको अतुल का सन्देश है की अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदारी से समर्पित रहे। सफलता जरूर मिलेगी। अतुल सीए बनने के बाद अपना अगला लक्ष्य सिविल सर्विस में सफलता पाने का रखे हुए है।कहा तो एक जिले से एक आईएएस हो आईपीएस हो तो बड़ी बात मानी जाती है वही इस गांव के युवाओं ने एक के बाद एक सफलता हाशिल करते हुए देश भर में सैदपुरा को प्रतिष्ठित किया है।

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